Monday, December 12, 2011

अनुरोधों को अपनाने की कड़ियों से जुड़ते जाएँ !

   " थोड़ी थोड़ी सी यादें, ज्यादा ज्यादा भारीपन ,
   हलकी सी उमीदों संग, अनुभव लेता है जीवन !
   कल थी जो वो आज नहीं है , अंतर्मन की आवाजें ,
   विचलित से हो जाते हैं, सुलझे वो सारे संयम  !!
   अनुरोधों को स्वीकारें , कड़ियों से जुड़ते जाएँ ,
   नई सुबह में जगने को अब, धीरे धीरे सो जाएँ !! "

No comments:

Post a Comment