" थोड़ी थोड़ी सी यादें, ज्यादा ज्यादा भारीपन ,
हलकी सी उमीदों संग, अनुभव लेता है जीवन !
कल थी जो वो आज नहीं है , अंतर्मन की आवाजें ,
विचलित से हो जाते हैं, सुलझे वो सारे संयम !!
अनुरोधों को स्वीकारें , कड़ियों से जुड़ते जाएँ ,
नई सुबह में जगने को अब, धीरे धीरे सो जाएँ !! "
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