Saturday, November 26, 2011

" वीकेंड ज्ञान "

" वीकेंड ज्ञान " -    " हमारे गाजीयाबाद मैं एक तिराहा है .... हां ठीक से पढ़िए ...तिराहा ...जिसका नामकरण यहाँ के सुविग्य , ज्ञानी लोगो ने " अग्रसेन चौक " जी हाँ चौक रखा है ...! " फोटो कल लगता हूँ... आपकी जिज्ञासा की जो बात है !  कल रविवार है जरा देख आइयेगा !

Tuesday, November 22, 2011

किलकारियां शब्द हो गयीं, रहेट कर रहे हैं खटपट !!

" गलियों-गलियों सौंधी खुशबु ,आँगन-आँगन चेहचाहट ,
चाँद सो गया तान के चादर , सूरज ने  भी ली करवट !
धुंध के घुंघट से अब किरणें ,    हौले हौले गाती हैं ,
किलकारियां शब्द हो गयीं,  रहेट कर रहे हैं खटपट !!
भोर हो गयी , अनुभव के कुछ गुंचे फिर मुस्काएंगे ,
जुड़ते-जुड़ते,पल-पल छिन- छिन दिन माला बन जायेंगे !!"

सुप्रभात ! आप का दिन आनंदमय रहे !!

 

       
      
           

हौले हौले ,गुन गुन करते , धीरे से सो जाएँ ! "

" ओस की नन्ही बूंदों से फिर , घर आँगन भीगा ,
      हरश्रृंगार की खुशबू फैली , चंचल मन बहका !
         रात के गुड्डे गुडिया आये,  अटखेली दिखलाएं ,
              हम सब अपने सपने देखें ,       आखें मुन्दलाएं ,
                   हौले हौले ,गुन गुन करते , धीरे से सो जाएँ !  "       

Sunday, November 20, 2011

" शोर " चित्रपट से कुछ पंक्तियाँ.

" पानी रे पानी तेरा रंग कैसा ? "

१. भूखे की भूख और प्यास जैसा !
२. सौ साल जीने की उमीदों जैसा !!
३. दुनिया बनाने वाले रब्ब जैसा !!!
                                               
 " शोर " चित्रपट से कुछ पंक्तियाँ.