संवेदना, लाज, अस्मिता,
पर , चर्चा !
बोतलबंद पानी,
डब्बाबंद खाना,
उसकी रोज़ की कमाई,
से महंगे कप,
बच्चो की पुस्तकों से
महंगा , पर्चा !
घूल, शोर रोधी,
कार में बैठे ;
सब लौट आये;
वो बैठी रही,
टिकट खिड़की के नीचे,
असहाय, आस में,
सुनकर लौटेंगे वो,
फिर, चर्चा में,
करते हुए,
सरकारी, खर्चा !!
<><>< मनीष सिंह ><><>
पर , चर्चा !
बोतलबंद पानी,
डब्बाबंद खाना,
उसकी रोज़ की कमाई,
से महंगे कप,
बच्चो की पुस्तकों से
महंगा , पर्चा !
घूल, शोर रोधी,
कार में बैठे ;
सब लौट आये;
वो बैठी रही,
टिकट खिड़की के नीचे,
असहाय, आस में,
सुनकर लौटेंगे वो,
फिर, चर्चा में,
करते हुए,
सरकारी, खर्चा !!
<><>< मनीष सिंह ><><>