" कच्चे कोयले का धुआं, चापाकल की आवाजें ,
पानी की गर्माहट मैं , अलबेली सी सिहरन !
उनीदीं सी आँखों की , किरणों से छुप्पा छिप्पी ,
परिभाषाएं भी बदलेंगी, आशाएं हों मन ही मन !!"
सुप्रभात , दिवस शुभ एवं लाभदायक हो , ऐसी कामना हैं .........
पानी की गर्माहट मैं , अलबेली सी सिहरन !
उनीदीं सी आँखों की , किरणों से छुप्पा छिप्पी ,
परिभाषाएं भी बदलेंगी, आशाएं हों मन ही मन !!"
सुप्रभात , दिवस शुभ एवं लाभदायक हो , ऐसी कामना हैं .........
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