जीवन की,
कमियों का अश्रु में
परिवर्तन सहायक,
हो सकता है,
सहानभूति का !
किन्तु ये,
प्रमाणिक सत्य है,
अग्रसर रहने,
उत्थान के लिए,
छोटे कदम,
एवं, निम्न सोपान,
की तारतम्यता,
आवश्यक हैं !
निरंतर, सतत,
मिटटी का कुम्भ
सर्वप्रथम सोखता है,
संचित रखने से पूर्व,
जीवन जल को !
कमियों का अश्रु में
परिवर्तन सहायक,
हो सकता है,
सहानभूति का !
किन्तु ये,
प्रमाणिक सत्य है,
अग्रसर रहने,
उत्थान के लिए,
छोटे कदम,
एवं, निम्न सोपान,
की तारतम्यता,
आवश्यक हैं !
निरंतर, सतत,
मिटटी का कुम्भ
सर्वप्रथम सोखता है,
संचित रखने से पूर्व,
जीवन जल को !