Wednesday, March 9, 2011

मैं का हम होना !!

                     मैं का हम होना !! जी हाँ जब मैं हम होने लगता है तो कई बंधन टूटते हैं और कई नए रिश्ते बनते हैं .....हम हो जाते हैं !
                    मेरा एक दोस्त है ....वो आज कल हम होने को है !! नहीं नहीं शादी नहीं हो रही उसकी ....वो तो किसी और को सलाह देने लगा है...और थोड़ी थोड़ी देर मैं उसको फ़ोन लगा कर पुच लेता है की भाई ....हमें ठीक किया ना ?    उधर से जवाब आता है ...हा भाई हम कभी गलत करते ही नहीं ....!
                 एक मेरा दोस्त है ...उसको मैंने फोन किया की एक दुसरे दोस्त का नंबर लेने के लिए ....तो बोलता है की भाई थोड़ी दे मैं बताता हूँ क्यों की अभी मेरा मोबाइल नहीं मिल रहा और वो नंबर उसी मोबाइल मैं है ,......तब मैंने कहा साले बात किस से कर रहे हो ??? तो बोला हम ज़रा भूल गए थे ....हाँ लोग हम होने के चक्कर मैं भूलने भी लगते हैं !

                 Sab को saath के कर चलिए हम होने का मजा आजायेगा ....मैं तो sab हैं.
हम कभी कभी बना जाता है .....पर हम होने पर saari दुनिया अपनी होने लगती है ....संसार छोटा लगता है.
           सोच कर देखिये , अपना कर देखिये , हम हो कर देखिये ....आनंद आने लगेगा .....आप और मैं हम होने लगेंगे.