कुंदन उसको स्टेशन पर छोड़ कर अपने ऑफिस जा चुका था ! नाईट शिफ्ट जो थी उसकी ! लखनऊ हो कर दिल्ली जाने वाली ट्रेन आज काफी लेट थी ! वाणी और कुंदन के सोचा था की २ घंटे की तो बात है , ऐ सी वेटिंग रूम में निकल जाएँगे ! वाणी सीढ़ियों से होते हुए प्लेटफोर्म नंबर एक पर बने ऐ सी वेटिंग रूम में दाखिल हुई ! गेट पर बैठी एक नीली सी साड़ी में महिला ने वाणी को अपनी पहचान और अपनी करंट टिकेट डिटेल वहां रखे रजिस्टर में भरने को कहा !
वाणी : ये कब से शुरू हो गया ?
महिला कर्मचारी : मेडम जी ये सिस्टम तो शुरू से है !
वाणी : ओह्ह हाँ मैं ही पहली बार किसी स्टेशन के वेटिंग रूम ने रुक रही हूँ ना इस लिए ऐसा पूछ लिया !
महिला कर्मचारी : जी कोई बात नहीं ! आप ये सब कालम भर दीजिये !
वाणी: हाँ ज़रूर , लाइए !
वाणी ने सब कुछ लिख कर अपने छोटे सिग्नेचर किये !
महिला कर्मचारी ने रजिस्टर अपनी तरफ घुमाते हुए हलके से कहा : दिल्ली जा रही हैं ?
वाणी अपने एअर बैग को सरकाते हुए मुस्कुराते हुए बोली : जी हैं , माँ के पास !
महिला कर्मचारी : अच्छी बात, माँ से तो मिलना ही चाहिए !
वाणी ने कुछ नहीं बोल कर उनकी हाँ में हाँ मिलाई और वेटिंग रूम में बैठने के लिए जगह देखने लगी ! वैसे तो पूरा वेटिंग रूम जनरल वेटिंग रूम की तुलना में खाली खाली था , फिर भी बैठने के लिए एकांत चाहिए था इसलिए उसने महिला कर्मचारी से कुछ दूरी पर ही खाली पड़े तीन कुर्सियों के सेट पर अपना एयर बैग और लैपटॉप बैग रखा और खुद बैठ गयी ! क्योकि वो सीट दरवाज़े के पास थी इसलिए अन्दर का हर कोना वहाँ से दिखाई दे रहा था !
वाणी ने अपने हैण्ड बैग से दो दिन पहले ही कुंदन का गिफ्ट किया हुआ सफ़ेद रंग का एप्पल iPod निकला और पुराने गानों का फोल्डर सर्च करने लगी !
महिला : हाँ जी , स्वेटर नहीं है आपके पास ?
लड़का : है तो !
महिला : पेहेन क्यों नहीं लेते ?
लड़का : हाँ शायद पहनना ही पड़ेगा !
महिला : पड़ेगा ? पेहेनिये अभी ! ठण्ड लग गई ना तो आपको कुछ नहीं आपके माता पिता को मुश्किल होगी !
लड़का गंभीर हो गया ! वाणी के एयरबैग पर अपना पिट्ठू बैग रख कर उसने स्वेटर निकल कर पहना!
लड़का : जी हाँ :
महिला : ठीक है जाओ , बैग चाहो तो रख दो , मैं हूँ यहाँ रात भर !
लडके ने अपना बैग वाणी के एयरबैग के बगल में रख कर बाहर की तरफ चल दिया !
वाणी ये सब देख और सुन रही थी ! लड़के को पीछे से बुलाने के लिए उसने महिला को इशारा
किया ! महिला ने लड़के को कहाँ वो बुला रही है तुमको ! जैसे इसी समय का इंतज़ार था !
वाणी : एक चाय मेरे लिए भी लेते आयेंगे प्लीज़ ?
लड़का : अरे उसमे क्या है , बिलकुल !
लीजिये : लड़का वाणी से बोला !
वाणी : ये सब क्या ?
लड़का : अब रात के साढ़े बारह बज रहे हैं और चाय के साथ समोसे तो मिले नहीं इस लिए बिस्किट ले आया ! और हाँ आपका पचास का नोट लिया नहीं उसने , ये लीजिये !
वाणी : अरे क्या ये नकली है , क्यों नहीं लिया ?
लड़का : खुले नहीं थे भाई उसके पास !
वाणी , लड़का और महिला सब हलके से मुस्कुराये ! माहौल में हलकी गर्माहट आ गयी थी !
लड़का : आपका iPhone बहुत सुन्दर है !
वाणी : हाँ मेरे हसबेंड ने दो दिन पहले ही गिफ्ट किया है मुझे हमारी फर्स्ट वेडिंग एनिवेर्सेरी पर !
लड़का : जी , अविरल , आप मुझे अवि कहे सकती हैं ! आपका नाम ?
वाणी : मेरा नाम वाणी है , अब तो श्रीमती वाणी हो गयी हूँ !
अवि : हल्का सा मुस्कुराया !
अवि : बहुत !
वाणी : रख लो !
अवि : जी , क्या ?
वाणी : तुम्हे पसंद है तो रख लो !
अवि : इतना मेहेंगा सामान आप ऐसे ही मुझे गिफ्ट कर देंगी ?
वाणी : तुम्हे पसंद है और मैं तुम्हे दे रही हूँ बस ये ही बात इम्पोर्टेंट है !
अवि : जी थैंक्स लेकिन एक और बात इम्पोर्टेंट है !
वाणी : वो क्या ?
अवि : किसी के दिए गिफ्ट को किसी और को नहीं दिया जाता !
वाणी : ये भी सही है ! तो फिर किया क्या जाये ?
अवि : कुछ नहीं मुझे थोड़ी देर इस पर गाने सुनने दीजिये ! मैं भी खुश और आप भी !
वाणी : ठीक है ,सुन लो !
अवि : जी वो वाशरूम गयीं हैं !
कुंदन : ओके , आपके पास फ़ोन क्यों है और आप हैं कौन ?
अवि सोचने लगा की क्या समझाऊं , क्य़ा बताऊँ।
अवि : जी मैं वाणी जी की ही ट्रेन का हमसफ़र हूँ और ट्रेन लेट होने के कारण हम साथ में ही वेटिंग रूम में रुके हैं ! मुझे फ़ोन अच्छा लगा इस लिए सोंग्स सुनने के लिए दिया है उन्होंने !
कुंदन : अच्छा ये बात है ! नो इस्शु वाणी के वापस आने पर कहियेगा मुझ से बात कर ले !
अवि : जी अच्छा !
और दूसरी तरफ से कुंदन ने फोन दिस्कंनेट कर दिया !
अविरल सोचने लगा क्या कुछ हो गया न इन तीन घंटो में ! कितना करीब करीब से हो गए हम सब ! जिस बात को ले कर घरों में क्या क्या ना हो जाये ये सब इतना आसानी से सुलझ गया ! तभी वाणी आती दिखाई दी ! अविरल रुक न सका ! जल्दी जल्दी बोलने लगा : आपके कुंदन जी का फ़ोन आया था ! आप उनको कॉल बक कर लीजिये !
वाणी : हलके से मुस्कुराई और बोली : ओके , अभी करती हूँ !
अवि ने कहा : आप तुरंत कीजिये !
वाणी : ठीक है लाओ फ़ोन दो !
अवि ने फ़ोन उसके हाथों में दे दिया !
वाणी : हाँ जी बोलिए !
उधर से कुछ पुछा कुंदन ने !
वाणी ने अवि से पुछा : तुम कितने साल के हो ?
अवि : जी इस साल अट्ठारह में लगूंगा !
वाणी : सुन लिया ?
कुंदन : हा हा हा !
वाणी : कैसे फ़ोन किया था ?
कुंदन : बस पूछने के लिए कहाँ तक पहुची ?
वाणी : घर पहुच कर फोन कर दूंगी , अब रखती हूँ, सब की नींद खराब हो रही है हमारी बात चीत से !
अवि को ये सब ज़रा अटपटा सा लगा !
अवि के पूछने से पहले वाणी ने कहा : हमारा कल ही डिवोर्स हो गया है !
अवि और वो महिला कर्मचारी सन्न रह गए ये सुन कर !
वाणी बोलती रही : कल ही कन्फर्म पेपर मिल गए हैं और अब मैं अपने ताऊ जी के घर अपनी माँ के पास जा रही हूँ ! शायद दूसरी शादी होगी , लेकिन इस बार एंगगेज़ेद ! कुंदन और मेरी लव मैरिज थी!
अवि अभी शायद छोटा था इन सब बातों के लिए लेकिन समझ सब रहा था और उसने पूछ लिया !
अवि : क्यों हुआ आपका डायवोर्स ?
तभी रेलवे की अनाउन्समेंट हुई की दिल्ली की गाड़ी एक घंटे में आने वाली है !!
वाणी : अवि , ये तो मुझे भी अभी तक नहीं समझ में आया !
अवि : एक साल साथ रहने के बाद !
वाणी : हाँ ! परिवार के खिलाफ हमें शादी का फैसला किया था ! क्लास 9th से हम साथ थे !
मेरे ताऊ जी के दोस्त का बेटा है वो ! स्कूल में , कालेज में सब जगह मेरा खूब ख्याल रखता था वो ! एक बार तो प्रिंसिपल मेम से मेरे लिए उसने पिटाई खायी थी ! लंच में बाहर जाना allowed नहीं था और बाहर की चीज़ तो बिलकुल नहीं ! एक दिन मैंने कुंदन को शरीफा लाने को कहा वो गार्ड से बात कर के बाहर गया और ले आया ! शाम को प्रिंसिपल ने खूब धुनाई करी हीरो की !
अवि सब सुन रहा था और बोल पड़ा : आप फिर भी इनसे दूर होना चाहती हैं ?
वाणी : आजकल वो सिर्फ काम काम पर ध्यान देते हैं !
दिन मैं सोते हैं और रात में काम ! कितनी बार तो दस दस दिनों के लिए बाहर रहते हैं ! मुझ पर कुछ ध्यान नहीं ! क्या करती मैंने और कुंदन ने ये फैसला लिया की जब हम एक दुसरे को समय दे ही नहीं सकते तो फिर ऐसे बंधन का फायदा ही क्या !
अवि यहाँ थोडा असहमत लगा ! उसने वाणी से उसका फ़ोन माँगा !
वाणी बोली : क्या हुआ ?
अवि दीजिये तो सही ! उसकी बोली में हक़ से गंभीरता थी!
वाणी के फ़ोन से उसने कुंदन को फ़ोन किया :
कुंदन : हाँ वाणी बोलो !
अवि : भैय्या मैं अवि बोल रहा हूँ !
कुंदन : हाँ जी हमसफ़र भाई , बोलिए !
अवि : भैय्या , आप अभी स्टेशन आ सकते हैं ?
वाणी भी बोली क्यों ?
कुंदन : क्यों क्या हुआ ?
अवि : हो गया है , फ़ोन पर नहीं बता सकता !
कुंदन : वाणी को फ़ोन दो !
अवि : नहीं , आप आइये पहले !
कुंदन : ठीक है , १/२ घंटे में पहुच रहा हूँ !
अवि : ओके एंड थैंक्स भैया !
वाणी : क्यों बुलाया उसको ?
अवि : बस आने दीजिये !
वाणी : ट्रेन आने वाली है और तुमने उसको बुला लिया !
अवि : ट्रेन तो रोज़ आती हैं , कल फिर आयगी !
वाणी : मतलब ?
अवि ने मोबाईल वाणी की तरफ बढ़ाते हुए कहा, बस अभी आया !
महिला कर्मचारी चुप चाप सब देख रही थी और शायद अवि की मंशा समझ भी रही थी !
अविरल केन्टीन की और चल दिया ! सोचते हुए ये ही कारण था की इतना महंगा iPod मुझे देने लगी थी वो ! कितनी अच्छी तो है ! इन्हें एक साथ होना चाहिए !
थोड़ी देर में कुंदन आता हुआ दिखाई दिया !
हाथों में हेलमेट देख कर अविरल ने उसे पहचान लिया और कंधे पर हाथ रखते हुए बोला : कुंदन भैया ?
कुंदन को जैसे मालूम था : हां हमसफ़र , कुंदन !
अवि : ने गले से लगा लिया कुंदन को !
कुंदन ने भी गले से लगा लिया उसको ! अनोखा नज़ारा रात के ढाई बजे रेलवे स्टेशन पर !
कुछ समोसे , पेस्ट्री और कोक की के कंटेनर ले कर दोनों वेटिंग रूम में पहुचे !
कुंदन : हेलो वाणी ! कैसी कट रही है ये बारिश की रात वाटिंग रूम में ?
वाणी : कुछ नहीं बोली !
अविरल ने मोर्चा संभाला : आज कोई कहीं नहीं जा रहा ! हम यहाँ आपकी दूसरी शादी की पार्टी कर रहे हैं !
कुंदन और वाणी दोनों अवाक हो कर अविरल को देख रहे थे !
उसने ये सब कुछ इतना जल्दी और बिना किसी भूमिका के कह दिया था की दोनों निःशब्द !
अवि : चलिए भाई मेरे इस रेड पेन से वाणी दीदी की मांग भरिये !
कुंदन : जरा समझो यार !
वाणी : अवि , ये सब क्या है ?
अवि : आप दोनों अलग नहीं हो रहे बस ये है सब !
कुंदन ने वाणी की तरफ लालसा भाई निगाहों से देखा ! वाणी भी शायद ऐसा कुछ चाहती थी !
दोनों गले मिले ! कुंदन ने मांग भरी लाल इंक से और सब ने तालियाँ बजाई !
वाणी के ही iPhone से फोटो निकली गयीं बस तभी दिल्ली वाली ट्रेन के प्लेटफोर्म पर लगने का अनाउन्समेंट हुआ !
कुंदन : कोई कहीं नहीं जा रहा !
वाणी : हाँ ये अवि भी कही नहीं जा रहा !
अवि : अरे दीदी , अरे भैया कल से मेरी क्लास शुरू हो रही हैं दिल्ली में !
कुंदन और वाणी दोनों एक साथ बोले : हमारी क्लास यहाँ लगा कर तुम दिल्ली जाओगे !! शांत रहो और चलो हमारे साथ !
पूरा वेटिंग रूम महकने लगा था , बंधन की खुलती गाँठ के फिर से बंधने की प्रक्रिया से ! कोक समोसे और पेस्ट्री सब के साथ चाय वाले ने चाय देनी शुरू कर दी थी ! लोग बधाई दे रहे थे और अवि iPhone पर गाने सुनता हुआ सवेरा होने का इंतज़ार करता हुआ दिल्ली की और सरकती हुई ट्रेन को देख रहा था !
चलो भाई हमसफ़र , कुंदन और वाणी ने अवि को पुकारा और सब घर की तरफ चल दिए !
:: मनीष सिंह ::
वाणी ने अपने हैण्ड बैग से दो दिन पहले ही कुंदन का गिफ्ट किया हुआ सफ़ेद रंग का एप्पल iPod निकला और पुराने गानों का फोल्डर सर्च करने लगी !
तभी रेलवे की एनाउंसमेंट होने लगी : यात्रीगण कृपया ध्यान दें , हावड़ा से चलकर लखनऊ होते हुए नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन ४ घंटे देरी से आने की सब्भावना है ! यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है ! रात के सवा ग्यारह बज रहे थे ! चार घंटे लेट यानि सुबह के तीन बजे लगभग ! वाणी ने गहरी सांस ली ! iPhone पर लता मंगेशकर का एक पुराना गाना चलने लगा था ! अब तो अगले ४ घंटो तक वो वेटिंग रूम ही साथी था ! वाणी ने एक सरसरी निगाह पुरे वेटिंग रूम के हर कोने पर डाली ! कोई ६ सात लोग ही थे !
थोड़ी देर पहले सब अपने अपने में व्यस्त लेकिन जैसे ही एनाउंसमेंट हुई सब ने एक दुसरे को बड़ी ही अतामियता से देखा !
जैसे कह रहे हों कोई बात नहीं हम आप के साथ साथ हैं ! एक दुसरे से बिना शब्दों के ही बात कर ली ! दो अधेड़ उम्र के शख्स साथी बन गए और अपना सामान वहीँ रख कर चाय पान करने को चल दिए ! दो लोग जो चालीस के नीचे रहे होंगे भी बाते करने लगे : आयिए सर बहार लहेल आते हैं , नींद तो कहाँ आयगी अभी ! चलिए कह कर वो लोग भी वेटिंग रूम के बहार चल दिए और महिला कर्मचारी से इशारों में अपने सामान की देख भला के लिए कह दिया !
जैसे कह रहे हों कोई बात नहीं हम आप के साथ साथ हैं ! एक दुसरे से बिना शब्दों के ही बात कर ली ! दो अधेड़ उम्र के शख्स साथी बन गए और अपना सामान वहीँ रख कर चाय पान करने को चल दिए ! दो लोग जो चालीस के नीचे रहे होंगे भी बाते करने लगे : आयिए सर बहार लहेल आते हैं , नींद तो कहाँ आयगी अभी ! चलिए कह कर वो लोग भी वेटिंग रूम के बहार चल दिए और महिला कर्मचारी से इशारों में अपने सामान की देख भला के लिए कह दिया !
अब वेटिंग रूम में यात्रियों के नाम पर बस वाणी एक संत जो चुपचाप अपनी सीट पर सो रहे थे और एक सोलह सत्रह साल का लड़का रह गए थे !
अगले दस मिनट तक किसी ने किसी जो नहीं देखा ! थोड़ी देर के बाद वाणी ने समझा की वो लड़का कुछ देर से वाणी को देख रहा है , जैसे कुछ पूछना चाहता हो !
तभी तेज़ बारिश शुरू हो गयी !
महिला कर्मचारी बडबड करने लगी : बस इसकी ही कमी थी ! इतनी ठंडक वैसे ही है ऊपर से यस बारिश ! भगवान् भी नहीं सोचते की कितने परेशान होते होंगे वो लोग जिनको गरमा कपडे नहीं है !
वाणी और उस लड़के का ध्यान उधर गया ! वाणी ने अपने कान से इयरफोन निकाल दिया और बारिश की आवाज़ सुनने लगी ! सुनसान प्लेटफार्म ! बहुत कम लोग ! वज़न तोलने वाली मशीन के भीतर जलते बुझते बल्बों की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी , जो वेटिंग रूम के पास ही लगा था ! अपनी टोकरी में कुछ जामुन रखे जल्दी जल्दी अपने घर लौट रहा था ! दिन के समय कंधे से कंधे टकराने वाली भीड़ और इस समय एक भयावह सन्नाटा पसरा पड़ा था प्लेटफोर्म पर ! दूर तक इक्का दुक्का आदमी किसी कोने की तलाश में भटकते दीख पड़ते थे ! प्लेटफार्म की केन्टीन भी वेटिंग रूम से कुछ दूरी पर थी! दिन का समय होता तो कोई बात नहीं लेकिन रात के बारह बजे वाणी को चाय की ज़रुरत के बावजूद वो कंटीन बहुत दूर लग रही थी !
हिम्मत नहीं पड़ी की बाहर निकले ! दूर बैठा वो लड़का शायद ये भांप गया ! उसने अपना लेपटोप का बैग उठाया और वेटिंग रूम के दरवाज़े के पास आ कर खड़ा हो गया ! ठंडी हवा थी ! सिर्फ एक टी शर्ट और जींस में था वो !
महिला कर्मचारी ने लगभग डांटते हुए कहा : स्वेटर नहीं है आपके पास ?
लड़का : जी अपने मुझ से कुछ कहा ?
महिला : हाँ जी , स्वेटर नहीं है आपके पास ?
लड़का : है तो !
महिला : पेहेन क्यों नहीं लेते ?
लड़का : हाँ शायद पहनना ही पड़ेगा !
महिला : पड़ेगा ? पेहेनिये अभी ! ठण्ड लग गई ना तो आपको कुछ नहीं आपके माता पिता को मुश्किल होगी !
लड़का गंभीर हो गया ! वाणी के एयरबैग पर अपना पिट्ठू बैग रख कर उसने स्वेटर निकल कर पहना!
महिला मुस्कुराई और बोली : चाय पीने जा रहे हो ?
लड़का : जी हाँ :
महिला : ठीक है जाओ , बैग चाहो तो रख दो , मैं हूँ यहाँ रात भर !
लडके ने अपना बैग वाणी के एयरबैग के बगल में रख कर बाहर की तरफ चल दिया !
वाणी ये सब देख और सुन रही थी ! लड़के को पीछे से बुलाने के लिए उसने महिला को इशारा
किया ! महिला ने लड़के को कहाँ वो बुला रही है तुमको ! जैसे इसी समय का इंतज़ार था !
लड़के ने मुड कर वाणी को देखा और बोल : जी कहिये ?
वाणी : एक चाय मेरे लिए भी लेते आयेंगे प्लीज़ ?
लड़का : अरे उसमे क्या है , बिलकुल !
वाणी में अपने पर्स में से पचास रुपए का नोट निकला और छोटा थरमस आगे बढ़ाते हुए लड़के को थैंक्स कहा !
लड़का थोड़ी देर में चाय और मीठे बिस्किट के पेकेट ले आया ! तीन प्लास्टिक के गिलास भी लाया था !
लीजिये : लड़का वाणी से बोला !
वाणी : ये सब क्या ?
लड़का : अब रात के साढ़े बारह बज रहे हैं और चाय के साथ समोसे तो मिले नहीं इस लिए बिस्किट ले आया ! और हाँ आपका पचास का नोट लिया नहीं उसने , ये लीजिये !
वाणी : अरे क्या ये नकली है , क्यों नहीं लिया ?
लड़का : खुले नहीं थे भाई उसके पास !
वाणी , लड़का और महिला सब हलके से मुस्कुराये ! माहौल में हलकी गर्माहट आ गयी थी !
लड़के ने एक एक कर के थरमस से चाय महिला , वाणी और खुद ली ! सब तेज़ बरसते पानी में झूमती हवा की ठंडक के बीच रात के बारह के बाद रेलवे प्लैटफार्म पर चाय और बिस्किट का आनंद ले रहे थे ! कोई किसी को नहीं जनता ! लेकिन केवल तीन घंटो में एक रिश्ता बन गया था ! जिसकी कोई परिभाषा नहीं !
लड़का : आपका iPhone बहुत सुन्दर है !
वाणी : हाँ मेरे हसबेंड ने दो दिन पहले ही गिफ्ट किया है मुझे हमारी फर्स्ट वेडिंग एनिवेर्सेरी पर !
वाणी बोलती रही : अच्छा तुम्हारा नाम क्या है ?
लड़का : जी , अविरल , आप मुझे अवि कहे सकती हैं ! आपका नाम ?
वाणी : मेरा नाम वाणी है , अब तो श्रीमती वाणी हो गयी हूँ !
अवि : हल्का सा मुस्कुराया !
अविरल और वाणी के बीच ५ सालों के उम्र का फर्क होगा !
वाणी : क्या करते हो अवि ?
अवि : फिलहाल तो घूम फिर रहा हूँ ! कभी किसी रिश्तेदार के घर तो कभी किसी दोस्त के घर ! जस्ट इन्टर पास किया है 9 0 परसेंट से !
वाणी : गुड ,कहाँ के रहने वाले हो ?
अवि अभी कुछ बोल पाता की एक माल गाड़ी की लम्बी सीटी ने माहौल में झन्नाहट ला दी ! उसने सब को ५ मिनट के लिए चुप कर दिया ! इस बीच अवि ने वाणी के iPhone को अपने हाथों ने ले लिया !
वाणी तुम्हे पसंद आया ?
वाणी तुम्हे पसंद आया ?
अवि : बहुत !
वाणी : रख लो !
अवि : जी , क्या ?
वाणी : तुम्हे पसंद है तो रख लो !
अवि : इतना मेहेंगा सामान आप ऐसे ही मुझे गिफ्ट कर देंगी ?
वाणी : तुम्हे पसंद है और मैं तुम्हे दे रही हूँ बस ये ही बात इम्पोर्टेंट है !
अवि : जी थैंक्स लेकिन एक और बात इम्पोर्टेंट है !
वाणी : वो क्या ?
अवि : किसी के दिए गिफ्ट को किसी और को नहीं दिया जाता !
वाणी : ये भी सही है ! तो फिर किया क्या जाये ?
अवि : कुछ नहीं मुझे थोड़ी देर इस पर गाने सुनने दीजिये ! मैं भी खुश और आप भी !
वाणी : ठीक है ,सुन लो !
बारिश और तेज़ हो चुकि थी ! रात के सवा से डेढ़ का समय होगा ! वाणी वाशरूम जाना चाहती थी ! उसने महिला कर्मचारी को कहा मेरे साथ चलिए ! और दोनों सब कुछ अवि के भरोसे चले गए !
वाणी का मोबाईल बज उठा ! अवि ने देखा कुंदन का नाम से काल आ रही थी? कुछ देर इंतज़ार करने के बाद लगातार बजते फोन को उठा लिया और जवाब दिया : हेलो सर !
कुंदन : हेलो , कौन ?
अपनी पत्नी के फ़ोन पर किसी और की आवाज़ और वो भी लडके की ! रात के समय ! तेज़ बारिश ! पता नहीं क्या क्या किस किस सीमा था सोचने लगा वो !
अवि : जी मैं अविरल राणा !
कुंदन : अविरल ? कौन अविरल ? और वाणी कहाँ है ?
अवि : जी वो वाशरूम गयीं हैं !
कुंदन : ओके , आपके पास फ़ोन क्यों है और आप हैं कौन ?
अवि सोचने लगा की क्या समझाऊं , क्य़ा बताऊँ।
अवि : जी मैं वाणी जी की ही ट्रेन का हमसफ़र हूँ और ट्रेन लेट होने के कारण हम साथ में ही वेटिंग रूम में रुके हैं ! मुझे फ़ोन अच्छा लगा इस लिए सोंग्स सुनने के लिए दिया है उन्होंने !
कुंदन : अच्छा ये बात है ! नो इस्शु वाणी के वापस आने पर कहियेगा मुझ से बात कर ले !
अवि : जी अच्छा !
और दूसरी तरफ से कुंदन ने फोन दिस्कंनेट कर दिया !
अविरल सोचने लगा क्या कुछ हो गया न इन तीन घंटो में ! कितना करीब करीब से हो गए हम सब ! जिस बात को ले कर घरों में क्या क्या ना हो जाये ये सब इतना आसानी से सुलझ गया ! तभी वाणी आती दिखाई दी ! अविरल रुक न सका ! जल्दी जल्दी बोलने लगा : आपके कुंदन जी का फ़ोन आया था ! आप उनको कॉल बक कर लीजिये !
वाणी : हलके से मुस्कुराई और बोली : ओके , अभी करती हूँ !
अवि ने कहा : आप तुरंत कीजिये !
वाणी : ठीक है लाओ फ़ोन दो !
अवि ने फ़ोन उसके हाथों में दे दिया !
वाणी : हाँ जी बोलिए !
उधर से कुछ पुछा कुंदन ने !
वाणी ने अवि से पुछा : तुम कितने साल के हो ?
अवि : जी इस साल अट्ठारह में लगूंगा !
वाणी : सुन लिया ?
कुंदन : हा हा हा !
वाणी : कैसे फ़ोन किया था ?
कुंदन : बस पूछने के लिए कहाँ तक पहुची ?
वाणी : घर पहुच कर फोन कर दूंगी , अब रखती हूँ, सब की नींद खराब हो रही है हमारी बात चीत से !
अवि को ये सब ज़रा अटपटा सा लगा !
अवि के पूछने से पहले वाणी ने कहा : हमारा कल ही डिवोर्स हो गया है !
अवि और वो महिला कर्मचारी सन्न रह गए ये सुन कर !
वाणी बोलती रही : कल ही कन्फर्म पेपर मिल गए हैं और अब मैं अपने ताऊ जी के घर अपनी माँ के पास जा रही हूँ ! शायद दूसरी शादी होगी , लेकिन इस बार एंगगेज़ेद ! कुंदन और मेरी लव मैरिज थी!
अवि अभी शायद छोटा था इन सब बातों के लिए लेकिन समझ सब रहा था और उसने पूछ लिया !
अवि : क्यों हुआ आपका डायवोर्स ?
तभी रेलवे की अनाउन्समेंट हुई की दिल्ली की गाड़ी एक घंटे में आने वाली है !!
वाणी : अवि , ये तो मुझे भी अभी तक नहीं समझ में आया !
अवि : एक साल साथ रहने के बाद !
वाणी : हाँ ! परिवार के खिलाफ हमें शादी का फैसला किया था ! क्लास 9th से हम साथ थे !
मेरे ताऊ जी के दोस्त का बेटा है वो ! स्कूल में , कालेज में सब जगह मेरा खूब ख्याल रखता था वो ! एक बार तो प्रिंसिपल मेम से मेरे लिए उसने पिटाई खायी थी ! लंच में बाहर जाना allowed नहीं था और बाहर की चीज़ तो बिलकुल नहीं ! एक दिन मैंने कुंदन को शरीफा लाने को कहा वो गार्ड से बात कर के बाहर गया और ले आया ! शाम को प्रिंसिपल ने खूब धुनाई करी हीरो की !
अवि सब सुन रहा था और बोल पड़ा : आप फिर भी इनसे दूर होना चाहती हैं ?
वाणी : आजकल वो सिर्फ काम काम पर ध्यान देते हैं !
दिन मैं सोते हैं और रात में काम ! कितनी बार तो दस दस दिनों के लिए बाहर रहते हैं ! मुझ पर कुछ ध्यान नहीं ! क्या करती मैंने और कुंदन ने ये फैसला लिया की जब हम एक दुसरे को समय दे ही नहीं सकते तो फिर ऐसे बंधन का फायदा ही क्या !
अवि यहाँ थोडा असहमत लगा ! उसने वाणी से उसका फ़ोन माँगा !
वाणी बोली : क्या हुआ ?
अवि दीजिये तो सही ! उसकी बोली में हक़ से गंभीरता थी!
वाणी के फ़ोन से उसने कुंदन को फ़ोन किया :
कुंदन : हाँ वाणी बोलो !
अवि : भैय्या मैं अवि बोल रहा हूँ !
कुंदन : हाँ जी हमसफ़र भाई , बोलिए !
अवि : भैय्या , आप अभी स्टेशन आ सकते हैं ?
वाणी भी बोली क्यों ?
कुंदन : क्यों क्या हुआ ?
अवि : हो गया है , फ़ोन पर नहीं बता सकता !
कुंदन : वाणी को फ़ोन दो !
अवि : नहीं , आप आइये पहले !
कुंदन : ठीक है , १/२ घंटे में पहुच रहा हूँ !
अवि : ओके एंड थैंक्स भैया !
वाणी : क्यों बुलाया उसको ?
अवि : बस आने दीजिये !
वाणी : ट्रेन आने वाली है और तुमने उसको बुला लिया !
अवि : ट्रेन तो रोज़ आती हैं , कल फिर आयगी !
वाणी : मतलब ?
अवि ने मोबाईल वाणी की तरफ बढ़ाते हुए कहा, बस अभी आया !
महिला कर्मचारी चुप चाप सब देख रही थी और शायद अवि की मंशा समझ भी रही थी !
अविरल केन्टीन की और चल दिया ! सोचते हुए ये ही कारण था की इतना महंगा iPod मुझे देने लगी थी वो ! कितनी अच्छी तो है ! इन्हें एक साथ होना चाहिए !
थोड़ी देर में कुंदन आता हुआ दिखाई दिया !
हाथों में हेलमेट देख कर अविरल ने उसे पहचान लिया और कंधे पर हाथ रखते हुए बोला : कुंदन भैया ?
कुंदन को जैसे मालूम था : हां हमसफ़र , कुंदन !
अवि : ने गले से लगा लिया कुंदन को !
कुंदन ने भी गले से लगा लिया उसको ! अनोखा नज़ारा रात के ढाई बजे रेलवे स्टेशन पर !
कुछ समोसे , पेस्ट्री और कोक की के कंटेनर ले कर दोनों वेटिंग रूम में पहुचे !
कुंदन : हेलो वाणी ! कैसी कट रही है ये बारिश की रात वाटिंग रूम में ?
वाणी : कुछ नहीं बोली !
अविरल ने मोर्चा संभाला : आज कोई कहीं नहीं जा रहा ! हम यहाँ आपकी दूसरी शादी की पार्टी कर रहे हैं !
कुंदन और वाणी दोनों अवाक हो कर अविरल को देख रहे थे !
उसने ये सब कुछ इतना जल्दी और बिना किसी भूमिका के कह दिया था की दोनों निःशब्द !
अवि : चलिए भाई मेरे इस रेड पेन से वाणी दीदी की मांग भरिये !
कुंदन : जरा समझो यार !
वाणी : अवि , ये सब क्या है ?
अवि : आप दोनों अलग नहीं हो रहे बस ये है सब !
कुंदन ने वाणी की तरफ लालसा भाई निगाहों से देखा ! वाणी भी शायद ऐसा कुछ चाहती थी !
दोनों गले मिले ! कुंदन ने मांग भरी लाल इंक से और सब ने तालियाँ बजाई !
वाणी के ही iPhone से फोटो निकली गयीं बस तभी दिल्ली वाली ट्रेन के प्लेटफोर्म पर लगने का अनाउन्समेंट हुआ !
कुंदन : कोई कहीं नहीं जा रहा !
वाणी : हाँ ये अवि भी कही नहीं जा रहा !
अवि : अरे दीदी , अरे भैया कल से मेरी क्लास शुरू हो रही हैं दिल्ली में !
कुंदन और वाणी दोनों एक साथ बोले : हमारी क्लास यहाँ लगा कर तुम दिल्ली जाओगे !! शांत रहो और चलो हमारे साथ !
पूरा वेटिंग रूम महकने लगा था , बंधन की खुलती गाँठ के फिर से बंधने की प्रक्रिया से ! कोक समोसे और पेस्ट्री सब के साथ चाय वाले ने चाय देनी शुरू कर दी थी ! लोग बधाई दे रहे थे और अवि iPhone पर गाने सुनता हुआ सवेरा होने का इंतज़ार करता हुआ दिल्ली की और सरकती हुई ट्रेन को देख रहा था !
चलो भाई हमसफ़र , कुंदन और वाणी ने अवि को पुकारा और सब घर की तरफ चल दिए !
:: मनीष सिंह ::