" तेरी खुशबू है , मैं ....हूँ , उमीदें हैं ,
फिर वो ही ख़वाब, सजाने को नींदें हैं !!
छोड़ कर जिनका साथ, कुछ दूर चले ,
रहनुमा पंख हुए आज , मन परिंदे हैं !! "
शुभ एवं उत्साह भरी सुबह की आशा सहित ....सुप्रभात !!
फिर वो ही ख़वाब, सजाने को नींदें हैं !!
छोड़ कर जिनका साथ, कुछ दूर चले ,
रहनुमा पंख हुए आज , मन परिंदे हैं !! "
शुभ एवं उत्साह भरी सुबह की आशा सहित ....सुप्रभात !!