Manish Awadh Narayan Singh
Wednesday, January 25, 2012
सुख और सुख की चाहत दुःख का मुख्य कारण बनती है !!
" सुख और सुख की चाहत दुःख का मुख्य कारण बनती है ....लेकिन ये भी सच है ...सुख की चाहत किये बिना जीवन नहीं आनंदमय लगता ! " अकारण और अनावश्यक आनंद एवं अनुभूत दुख में भेद कर पाना ही ....चलायमान जीवन की कुंजी , संभवतः है !!
शुभ दिवस !!
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