Wednesday, January 25, 2012

सुख और सुख की चाहत दुःख का मुख्य कारण बनती है !!

" सुख और सुख की चाहत दुःख का मुख्य कारण बनती है ....लेकिन ये भी सच है ...सुख की चाहत किये बिना जीवन नहीं आनंदमय लगता ! " अकारण और अनावश्यक आनंद एवं अनुभूत दुख में भेद कर पाना ही ....चलायमान जीवन की कुंजी , संभवतः है !! 

शुभ दिवस !! 

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