" तीर्थ सा हो गया,जब मैं उस से मिला ,
जिनसे मिलने की सदियों से आशाएं थीं !
स्नेह - करुणा भरा उसका हल्का स्पर्श ,
जैसे जीवन को मिलती परिभाषाएं सी !! "
सुप्रभात - माँ के सानिध्य मैं सुबह का आनंद अतुलनीय होता है ...माँ वालों आपको बधाई !!
जिनसे मिलने की सदियों से आशाएं थीं !
स्नेह - करुणा भरा उसका हल्का स्पर्श ,
जैसे जीवन को मिलती परिभाषाएं सी !! "
सुप्रभात - माँ के सानिध्य मैं सुबह का आनंद अतुलनीय होता है ...माँ वालों आपको बधाई !!
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