आज सर्दियों की पहली बारिश थी .... जी हाँ हर साल ये समय पहला ही लगता है ...! मुझे ही नहीं सब को ...! भीनी भीनी मिटटी की खुशबु , पास की दूकान से आती चाय की महक , साथ मैं मटर / चने की घुघनी , हरी चटनी के साथ , और ताजा ताजा अखबार ....बस क्या कहिये ....ये सब साथ हो तो दुनिया की कोई भी चीज़ इस समय तो अच्छी नहीं लगती.... ५ स्टार होटल का सबसे मंहगा सुइट हो तो भी नहीं ....खिड़की से झाँक कर मन करता है की बस सड़क के किनारे वाली दूकान पर जा कर जिंदगी को कुछ आनंद दे दूं..!
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