" कुटिलता और कुशलता मैं अंतर "
" कुशलता से किया गया कार्य ..फलीभूत होता है...और कुटिलता के परिणाम सम्यक होते हैं , साथ साथ कुटिल व्यक्ति की सीमाएँ तय हो जाती हैं ....संपर्क सीमित हो जाते हैं और संवाद परेशान करने लगते हैं ! " आधुनिक बनिए ....आवश्यकता भर ही....... नही तो बारिश मैं कटान किसी नदी की जिस तरह दिशा बदल देता है उस तरह ..... वस्तु विहीन हो सकते हैं !!....कुटिलता प्रोटीन हो सकती है ....किंतु अधिकयी ...विनाश का कारण भी....!!
Nice One !
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