वो असमंजस में है !
रिश्ते बनता हुआ,
नापता हुआ ,
तोलता हुआ,
भावनाओं को,
फायदे के,
तराजू पर,
स्कूल के,
कॉलेज के,
दफ्तर के,
सारे रिश्ते,
सिर्फ फायदे,
अवसर की,
बैसाखी पर
चलते हुए,
दूर तक नहीं,
जा सकेगा,
गया भी, तो
आत्मग्लानी,
के रिश्ते ,
साथ होंगे !
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