Saturday, February 23, 2013

उसकी रोज़ की कमाई, से महंगे कप !!

संवेदना, लाज, अस्मिता,
पर , चर्चा !
बोतलबंद पानी,
डब्बाबंद खाना,
उसकी रोज़ की कमाई,
से महंगे कप,
बच्चो की पुस्तकों से
महंगा , पर्चा !

घूल, शोर रोधी,
कार में बैठे ;
सब लौट आये;
वो बैठी रही,
टिकट खिड़की के नीचे,
असहाय, आस में,
सुनकर लौटेंगे वो,
फिर, चर्चा में,
करते हुए,
सरकारी, खर्चा  !!

                                         <><>< मनीष  सिंह ><><>


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