Friday, February 22, 2013

... मंझा, धागा, हुचका, और उत्साह !!

"कटी-फटी पतंग,
  गीला अरारोट,
  मंझा, धागा, हुचका ,
  और उत्साह !
  दिन बीत जाता,
  आस में, की ,
 पतंग उड़ जाएगी !!"

"वो और मैं,
  हम सब,
  आशान्वित है,
 बिखरी संभावनाएं,
 सिमित साधन,
 ले चलेंगे हमें भी,
 ऊँची उड़ान पर ;
 अधिक प्रगति की !! "

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