" रात " देर से हुई !
लैंप पोस्ट के नीचे,
देर तक पढता रहा,
किशोर अनवरत !
जीवन को ;
समानता से,
उम्मीद में,
प्रगति की राह पर,
ले चलने को !
आज सुबह,
आँख न खुली,
देर से सोया,
कल , "रात"
देर से हुई !!
पास की " मिल "
का हूटर,
रात के होने और,
सुबह के आने का,
द्वारपालक जो है !
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