Thursday, March 14, 2013

" रात " देर से हुई !!

" रात " देर से हुई !

लैंप पोस्ट के नीचे,
देर तक पढता रहा,
किशोर अनवरत !

जीवन को ;
समानता से,
उम्मीद में,
प्रगति की राह पर,
ले चलने को !

आज सुबह,
आँख न खुली,
देर से सोया,
कल , "रात"
देर से हुई !!

पास की " मिल "
का हूटर,
रात के होने और,
सुबह के आने का,
द्वारपालक जो है !

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