Tuesday, March 12, 2013

... सम्बन्ध महकते हैं !

    सम्बन्ध महकते हैं !

जब ,समर्पण
पूर्ण हो,
निःस्वार्थ हो,
अविरल,
अ-अनुबंधित,
एवं, निःशब्द भी !

जैसे चन्दन - जल,
वाष्पित होते ही,
रह जाता है,
अपरिभाषित,
अतुलनीय,
वातावरण
   महकता सा !!

<><) Manish Singh (><>



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