व्यापारी और मौकापरस्त लोग रिश्ते भी व्यापारिक कारणों से ही बनाते है , समर्पण के भाव ....से नहीं !! बल्कि समर्पित कभी हो ही नहीं सकते .....उन्हें स्वयं का शारीर भी अच्छे पहनने ओढ़ने के बाद ही अच्छा लगता है !! ..... इसे तरह के मानवों से बचना चाहिए ....किन्तु शर्त ये है की उनकी पहचान जल्दी हो सके .....जो की मश्किल काम है उन लोगो के लिए जो मौकापरस्त नहीं होते ...और व्यापारी भी नहीं !!
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