Sunday, November 11, 2012

अंजुली-अंजुली धुप छुपाकर....

अंजुली-अंजुली धुप छुपाकर,
चुटकी - चुटकी रंग बांटूं !
पलकों - पलकों ख्वाब छुपाकर,
सतरंगी   आँचल बांटूं !!

खुशबू- खुशबू गलियां सारी ,
आँगन - आँगन उजियारा !
जुगनू का सा हो जाऊं और,
रौशनी   केवल   बांटूं !!

**** हैप्पी दिवाली ****




No comments:

Post a Comment