मेरा मन ,तुम्हारा मन,
उमीदें , सपने कल के !
नयनों में ही पलते, या
अश्रु होते , अविरल से !!
स्थिरता स्वाति बूंदों की,
परिवर्तन की आस लिए,
भावावेश की आंधी में ,
कम्पित , पत्ते पीपल से !!
उमीदें , सपने कल के !
नयनों में ही पलते, या
अश्रु होते , अविरल से !!
स्थिरता स्वाति बूंदों की,
परिवर्तन की आस लिए,
भावावेश की आंधी में ,
कम्पित , पत्ते पीपल से !!
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