" रोज़ सुबह मैं अपने को कुछ अलग सा देखता हूँ.... हाँ कल जैसा देखा था , खुद को !!"
पर कुछ है अपने मैं जो होश संभालने के बाद से आज तक " वैसा " ही है जैसा तब था जब अपने से पहली बार मिला था !! वो आज तक नहीं बदला ! ना बदलेगा ..... और जिस दिन बदला ..... सब ख़तम .... !
No comments:
Post a Comment