Wednesday, October 19, 2011

और जिस दिन बदला ..... सब ख़तम .... !

" रोज़ सुबह मैं अपने को कुछ अलग सा देखता हूँ.... हाँ कल जैसा देखा था , खुद को !!"
पर कुछ है अपने मैं जो होश संभालने के बाद से आज तक " वैसा " ही है जैसा तब था जब अपने से पहली बार मिला था !! वो आज तक नहीं बदला ! ना बदलेगा ..... और जिस दिन बदला ..... सब ख़तम .... !

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