Manish Awadh Narayan Singh
Saturday, September 17, 2011
...जुगनुओं की थैलियाँ !!
" मौन के संसार मैं अब गुनगुनाहट चाहिए,
आइये कुछ बोलिए की कम पड़े सब बोलियाँ !
कई सदी से रोशनी इन आँगनो से दूर है ,
आइये मिल बाँटते हैं जुगनुओं की थैलियाँ !! "
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