Manish Awadh Narayan Singh
Thursday, April 30, 2015
आ गई है " काश्वी " !!
श्वेत पत्रों पर चमकती,
आस की किरणों सरीखी !
मौन शब्दों की निशा में ,
गुनगुनाते जुगनुओं सी !!
रिश्तों के इस शांत जल में,
बन तरंगें बन्धनों की ,
भर रही है ज़िन्दगी ,
आ गई है
"
काश्वी
" !!
"
काश्वी
=
Shining, Beautiful
"
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