उजले रस्ते,
स्याह परछाई भी !
मतलब वाले,
सम्बन्ध बनाते,
जुड़ते,
बिछड़ते लोग ,
उजले हो सकते है !
किन्तु मंशा का,
कालापन,
उभार लेता ही है !
भावों की झील,
दुषीत हो जाती है,
प्रभाव से ही,
दूरियां ,
स्वागत योग्य,
उजाले की,
उम्मीद देती है !!
सतर्कता आवश्यक है,
ऐसे ,कथित बंधुओं से !!
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