Wednesday, April 10, 2013

...आशाओं का गीलापन, तपते तलवों में प्राण डालता है !!

     वसंत आने को है
 तेयारी में,
 पुराने पत्ते,
 टूटते हैं,
   बिखर जाते हैं !

 शहर-शहर,
  आशाओं का,
 गीलापन,
 तपते तलवों,
 में
    प्राण डालता है !

  जैसे जुड़ते है,
अपरिचित,
एक को,
त्याग कर,
  दुसरे से !!

 अपरिभाषित,
   संबंधों में !!


:: मनीष सिंह ::

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