" पलकों-पलकों कल के सपने,
हाथों-हाथों सबका आज !
रिश्तों-रिश्तों सब नजदीकी,
शब्दों-शब्दों सारे राज !!
कल इनके फिर अर्थ नीचोड़ें,
मन-मंथन में दोहराएँ,
पवन सलोने झोकों के संग,
धीरे धीरे सो जाएँ !! "
हाथों-हाथों सबका आज !
रिश्तों-रिश्तों सब नजदीकी,
शब्दों-शब्दों सारे राज !!
कल इनके फिर अर्थ नीचोड़ें,
मन-मंथन में दोहराएँ,
पवन सलोने झोकों के संग,
धीरे धीरे सो जाएँ !! "
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