Manish Awadh Narayan Singh
Tuesday, October 11, 2011
शब्दों की तुलिका अपने को अंकित करती हैं !
" संबंधों के केनवास पर जब जब चयनित शब्दों की तुलिका अपने को अंकित करती हैं .... तब तब हम अपने संबंधों को पुनः परिभाषित करने का मार्ग ढूँढने लगते हैं .....! "
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