Sunday, October 23, 2011

एक समाचार " इस बार दिवाली पर उल्लुओं की किस्मत खराब ! "

                 एक समाचार " इस बार दिवाली पर उल्लुओं की किस्मत खराब ! " .... लोग दिवाली पर उल्लू की बलि दे कर के लक्ष्मी को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं ......की लक्ष्मी उनके पास आयेंगी !
     भाई लेकिन मेरे हिसाब से तो इस दिवाली पर कुछ उल्टा ही है .... उल्लुओं की मौज है ....!
कंपनी मैं जो लोग पुरे साल  उल्लू कहे जाते हैं .... बराबर का इन्क्रीमेंट पाते हैं ....
     पूरी क्लास मैं उल्लू कहे जाते हैं.... बस एक आरक्षण का कार्ड चलते हैं ... वोही सीट पाते हैं जिसके लिए दुसरे  जी जान लगाते  हैं .... उल्लू ...अपना उल्लू सीधा कर जाते हैं ... दिवाली मानते हैं ...!

  भाई इस दिवाली उल्लू परेशानी मैं नहीं मौज मैं है ,,,,, और आरक्षण वाले तो पुरे साल ही मौज मैं होते हैं...और पुरे के पुरे घी मैं दुबे रहते हैं... इश्वर की ये तो माया है ... कहीं सिर्फ धुप तो कहीं छाया ही छाया है....  " उल्लू मौज मैं हैं भी , कभी भी ... कहीं भी ..... बे शक ! "  







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